DIABETES का BRAIN पर होता है बुरा असर, This is reason



DIABETES का BRAIN पर होता है बुरा असर, This is reason :-  DIABETES एक भयानक बीमारी है क्योंकि इससे शरीर के कई भाग प्रभावित होते हैं जिसमें BRAIN भी शामिल है। जब ब्लड शुगर निंयत्रित नहीं होता है, तो शरीर में कई तरह की समस्याएं पैदा होने लगती हैं। यह समस्याएं उचित इलाज लेने से कुछ समय में ठीक भी हो सकती हैं और कभी-कभी जीवन भर भी इलाज करना पड़ सकता है। DIABETES वह रोग है जिसमें ग्लूकोज की मात्रा का शरीर में सही तरीके से प्रयोग नहीं हो पाता है। यह रोग ज्यादातर मोटे कम शारीरिक मेहनत करने वाले लोगों में होता है। भोजन में ज्यादा मात्रा में मीठा, दूध, दही और मांस-मछली, नये चावल, आलू, चीनी आदि का ज्यादा सेवन करने से या कफ वाली चीजों का सेवन करने से भी मधुमेह (डायबटीज) का रोग हो जाता है।


DIABETES का BRAIN पर होता है बुरा असर, This is reason (Diabetes is bad on the brain, this is the reason)





डायबटीज से BRAIN पर क्यों होता है असर (Why does diabetes affect the brain?)


1. कीटोएसिडोसिस (Ketoacidosis)


कीटोएसिडोसिस (ketoacidosis) में इंसुलिन के साथ रक्त शर्करा के उच्च स्तर कार्बनिक अम्ल जिसे किटोन्स कहते हैं की कमी से रोगी में डिहाईड्रेशन की समस्या हो जाती है। कीटोएसिडोसिस (ketoacidosis) में BRAIN पर असर हो सकता है। इसमें रोगी बीमार हो जाता है और सिर दर्द की समस्या होती है। कीटोएसिडोसिस सामान्यत: टाइप 1 मधुमेह रोगियों में पाया जाता है लेकिन यह किसी भी मधुमेह रोगी में विकसित हो सकता है। पुरुष महिला दोनों ही बराबर मात्रा में कीटोएसिडोसिस प्रभावित होते हैं।



2. हृदयघात (Heart attack)


DIABETES में हृदयाघात का खतरा बहुत ज्यादा होता है, क्योंकि शरीर ग्लूकोज की ज्यादा मात्रा होने से कोलोस्ट्रोल का स्तर बढ़ जाता है जो कि हृदयाघात का मुख्य कारण है। साथ ब्लड में शुगर की मात्रा से रक्त धमनियां क्षतिग्रस्त हो सकती है। ऐसा पाया गया है कि मधुमेह रोगियों में हृदय रोग का खतरा दुगना होता है। मधुमेह में रक्त धमनियों में रुकावट, व्लड क्लॉट शिराओं का संकुचन की समस्याएं होने का खतरा बना रहता है। अगर रक्त धमनियां BRAIN में किसी बाधा के कारण रक्त का प्रवाह नहीं कर पा रहीं हैं तो इसे BRAIN की क्रियाएं नहीं होगीं और मृत्यु भी हो सकती है।



3. हाइपोग्लाइसीमिया (Hypoglycemia)


हाइपोग्लाइसीमिया के विकसित होने का कारण मधुमेह हो सकता है। मधुमेह रोगियों में DIABETES का  बहुत ज्यादा इलाज लेने से हाइपोग्लाइसीमिया की समस्या पैदा हो सकती है। यह समस्या तब होती है जब ब्लड शुगर (ग्लूकोज) काफी कम होता है। हाइपोग्लाइसीमिया से BRAIN पर भी गंभीर असर हो सकता है और सिर दर्द, दोहरा दिखाई देना, धुंधला दिखाना, ज्यादा भूख लगना, चक्कर आना भम्र पैदा होने की शिकायत हो सकती है। ग्लूकोज की पर्याप्त मात्रा लेने से यह लक्षण अपने आप दूर हो जाते हैं।

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